SP ने खुद बनकर परखी पुलिस – घड़ी चोरी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो नहीं पहचान पाया होमगार्ड!
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| Image credit:-google gemini |
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक अनोखी घटना सामने आई, जब जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज कुमार राय ने खुद अपनी पुलिस टीम की कार्यप्रणाली की परीक्षा लेने का फैसला किया।
उन्होंने अपनी पहचान छिपाकर कोतवाली पहुंचकर घड़ी चोरी की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद होमगार्ड उन्हें पहचान नहीं सका।
कैसे हुआ मामला शुरू?
जानकारी के अनुसार, एसपी सूरज कुमार राय ने सामान्य व्यक्ति की तरह कपड़े पहनकर कोतवाली पहुंचे।
उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद होमगार्ड से कहा कि उनकी घड़ी चोरी हो गई है और वे शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि होमगार्ड ने रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय उन्हें शिकायती पत्र (लिखित आवेदन) लाने को कहा।
इस दौरान एसपी साहब को पहचानने की कोशिश किसी ने नहीं की।
🚨 एसपी का उद्देश्य क्या था?
दरअसल, एसपी सूरज कुमार राय ने यह कदम पुलिस की वास्तविक कार्यप्रणाली और जनता के साथ उनके व्यवहार को परखने के लिए उठाया था।
वे यह जानना चाहते थे कि सामान्य नागरिक की शिकायत पर पुलिस कैसे प्रतिक्रिया देती है।
इस जांच के बाद एसपी ने खुद बाइक से शहर के प्रमुख बाजारों और ट्रैफिक व्यवस्था का भी निरीक्षण किया, ताकि यह देखा जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था कितनी चुस्त है।
यह घटना इस बात का संकेत देती है कि थाने स्तर पर लापरवाही और संवेदनहीनता अब भी एक बड़ी समस्या है।
जब एक आम व्यक्ति शिकायत लेकर थाने में जाता है, तो अक्सर उसे इसी तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
एसपी की यह ‘गुप्त जांच’ अब पुलिस विभाग के लिए सबक साबित हो सकती है,घटना के बाद बागपत जिले में यह खबर चर्चा का विषय बन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एसपी को ही शिकायत दर्ज कराने में मुश्किल हो रही है, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा?


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