कांतारा चैप्टर 1’ में राकेश पुजारी ने जीता दर्शकों का दिल, रिलीज से पहले दुनिया को कहा अलविदा
![]() |
| Image credit:-@rishabshettyofficial instagram handle |
🎬 ‘कांतारा चैप्टर 1’ – कहानी जिसने फिर से जीवित किया भारतीय लोककथा का जादू
कन्नड़ सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ एक बार फिर भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर चुकी है। निर्देशक ऋषभ शेट्टी (Rishab Shetty) की यह फिल्म लोककथाओं, पौराणिक मान्यताओं और मानवीय भावनाओं का संगम है।
2022 में आई कांतारा के बाद इसका यह प्रीक्वल दर्शकों को उस रहस्यमय और आध्यात्मिक दुनिया में फिर से ले गया है, जहां प्रकृति, धर्म और इंसान के बीच का संघर्ष दिखाया गया है।
💫 राकेश पुजारी – छोटे कद के बड़े अभिनेता
इस फिल्म की सबसे खास बात है – कॉमेडियन राकेश पुजारी का शानदार अभिनय।
राकेश ने फिल्म में “पेप्पे” नाम के एक छोटे कद के जेलर का किरदार निभाया। उनकी ऊंचाई भले ही केवल 5 फुट रही हो, लेकिन उनका आत्मविश्वास, संवाद अदायगी और हाजिरजवाबी किसी भी बड़े कलाकार से कम नहीं थी।
दर्शकों का कहना है कि उन्होंने अपने सीमित स्क्रीन टाइम में भी ऐसा असर छोड़ा, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
💔 फिल्म रिलीज से पहले राकेश पुजारी का निधन
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि राकेश पुजारी मई 2025 में ही इस दुनिया को अलविदा कह गए।
उनकी मौत की खबर ने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया।
फिल्म रिलीज के बाद जब दर्शकों ने उन्हें पर्दे पर देखा, तो सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि का सैलाब उमड़ पड़ा।
लोगों ने लिखा –
“राकेश ने अपने किरदार से फिल्म को जीवंत कर दिया, वे हमेशा याद रहेंगे।”
🎭 पेप्पे का किरदार – हंसी में छिपा संवेदनशील संदेश
पेप्पे का रोल भले ही हल्का-फुल्का दिखे, लेकिन उसमें समाज की गहराई झलकती है।
वह एक ऐसा इंसान है जो जेल में बंद कैदियों से भी हंसी-मजाक करता है, लेकिन अंदर से करुणा और इंसानियत से भरा हुआ है।
राकेश ने इस किरदार को जिस सहजता और मासूमियत से निभाया, उसने दर्शकों के दिलों को छू लिया।
🎥 ऋषभ शेट्टी का निर्देशन और फिल्म की भव्यता
निर्देशक ऋषभ शेट्टी ने फिर से यह साबित किया कि भारतीय सिनेमा का असली जादू सिर्फ तकनीक में नहीं, बल्कि कहानियों में छिपा है।
‘कांतारा चैप्टर 1’ का हर फ्रेम लोककला, परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य से भरा हुआ है।
फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर, एक्शन सीक्वेंस और विजुअल इफेक्ट्स ने इसे एक सिनेमाई अनुभव बना दिया है।
🪔 कांतारा की कहानी – विश्वास और संघर्ष की दास्तां
कहानी एक ऐसे गांव की है, जहां देवता और इंसान के बीच का रिश्ता सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि अस्तित्व का सवाल है।
फिल्म में यह दिखाया गया है कि जब इंसान लालच और शक्ति के अंधेपन में प्राकृतिक संतुलन को तोड़ता है, तो उसका परिणाम विनाश होता है।
‘कांतारा चैप्टर 1’ इस विचार को भावनात्मक और रहस्यमय ढंग से प्रस्तुत करती है।
🌍 फिल्म की सफलता – बॉक्स ऑफिस पर सुनामी
रिलीज के पहले हफ्ते में ही फिल्म ने 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली।
यह आंकड़ा साबित करता है कि दर्शक अब साउथ इंडस्ट्री की कहानियों से गहराई से जुड़ चुके हैं।
‘कांतारा चैप्टर 1’ न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराही जा रही है।
🙏 राकेश पुजारी को श्रद्धांजलि
राकेश पुजारी का करियर भले ही छोटा रहा हो, लेकिन उनकी अभिनय यात्रा प्रेरणादायक थी।
कन्नड़ थिएटर से शुरुआत करके उन्होंने टीवी और फिल्मों तक अपनी जगह बनाई।
उनकी हंसी, उनकी टाइमिंग और उनके संवाद आज भी दर्शकों के दिलों में गूंज रहे हैं।
ऋषभ शेट्टी ने भी एक पोस्ट में लिखा –
“राकेश सिर्फ कलाकार नहीं, भावना थे। ‘कांतारा चैप्टर 1’ उनका अमर योगदान है।”
💡 फिल्म की खासियतें एक नजर में:
-
निर्देशन: ऋषभ शेट्टी
-
निर्माता: होम्बले फिल्म्स
-
प्रमुख कलाकार: ऋषभ शेट्टी, सप्तमी गौड़ा, राकेश पुजारी
-
किरदार: पेप्पे (जेलर) – राकेश पुजारी द्वारा
-
रिलीज़ वर्ष: 2025
-
बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: ₹500 करोड़+
-
IMDb रेटिंग: 9.1/10 (अनुमानित)
🌹 निष्कर्ष: एक यादगार अभिनय और भावनात्मक विदाई
‘कांतारा चैप्टर 1’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आस्था और भावनाओं का संगम है।
राकेश पुजारी ने इस फिल्म में जिस गहराई और सहजता से अभिनय किया, वह उन्हें हमेशा अमर बना देगा।
भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका “पेप्पे” दर्शकों के दिलों में हमेशा मुस्कुराता रहेगा।


कोई टिप्पणी नहीं