G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 तेजस्वी यादव की आरजेडी 135 सीटों पर लड़ेगी, कांग्रेस को 61 — बिहार महागठबंधन में सीट बंटवारा तय - BAHORA NEWS

Breaking News

तेजस्वी यादव की आरजेडी 135 सीटों पर लड़ेगी, कांग्रेस को 61 — बिहार महागठबंधन में सीट बंटवारा तय

📰 तेजस्वी यादव की आरजेडी 135 सीटों पर लड़ेगी, कांग्रेस को मिली 61 सीटें — महागठबंधन में सीट बंटवारा तय 


तेजस्वी यादव और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की बैठक की तस्वीर
Image credit:-tejswiyadav& rahul gandhi instagram handle 

🧩 बिहार चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीटों का बंटवारा तय

बिहार की सियासत में लंबे समय से चल रहे महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर जारी गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है।
लालू प्रसाद यादव की आरजेडी को 135 सीटें, जबकि कांग्रेस को 61 सीटें देने का फैसला लिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी पहले 144 सीटों पर दावा कर रही थी, वहीं कांग्रेस 70 सीटें चाहती थी। लेकिन कई दौर की बैठकों के बाद अब दोनों पार्टियों ने सहमति बना ली है।


⚙️ महागठबंधन में बाकी सीटों का बंटवारा ऐसे हुआ

बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से बची हुई सीटें लेफ्ट पार्टियों और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को दी जाएंगी।

  • लेफ्ट फ्रंट (CPI-ML, CPI और CPM) को 29 से 31 सीटें मिलेंगी।

  • वीआईपी प्रमुख मुखेश सहनी को 16 सीटें दी जाएंगी।


🧾 तेजस्वी यादव होंगे महागठबंधन के सीएम फेस

लंबे इंतज़ार के बाद अब यह भी साफ हो गया है कि
तेजस्वी यादव को महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा।

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर कई दिनों तक असमंजस बनाए रखा था, लेकिन अब पार्टी ने इस पर सहमति दे दी है।
हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि तेजस्वी यादव के साथ कोई डिप्टी सीएम भी होगा या नहीं।


🗳️ कांग्रेस और आरजेडी के बीच की खींचतान

कांग्रेस शुरू में 70 से अधिक सीटों की मांग कर रही थी।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि उन्हें इतनी सीटें दी जाएँ, जिन पर जीत की संभावना मजबूत हो।

सीटों पर दबाव बनाने के लिए कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार घोषित करने पर चुप्पी साध ली थी।
तेजस्वी यादव कई बार सार्वजनिक मंचों से खुद को सीएम फेस बता चुके थे,
लेकिन कांग्रेस ने अब तक इस पर कोई बयान नहीं दिया था।


🤝 JMM और IIP की एंट्री से बदला समीकरण

महागठबंधन में इस बार JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) और IIP (India Inclusive Party) की एंट्री से समीकरण और जटिल हो गया था।

  • मुखेश सहनी की VIP ने 50 सीटों और उपमुख्यमंत्री पद की मांग की थी।

  • JMM को एक सीट दी जाएगी, जो RJD के कोटे से जाएगी।

  • IIP को सहरसा सीट मिलने की संभावना है, जिसे कांग्रेस अपने कोटे से देगी।
    IIP का प्रभाव बुनकर समाज (Weaver Community) में माना जाता है।


🔍 राजनीतिक असर क्या होगा?

इस समझौते के बाद अब महागठबंधन एकजुट दिखने लगा है।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी-कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन अब एनडीए के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है।

हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि
क्या यह गठबंधन 2020 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर पाता है या नहीं।


🏁 निष्कर्ष

बिहार महागठबंधन ने अंततः सीट बंटवारे पर सहमति बना ली है —
जहाँ आरजेडी 135, कांग्रेस 61, और बाकी 47 सीटें वामदलों और सहयोगियों के हिस्से में जाएंगी।
अब देखना यह होगा कि इस रणनीति से विपक्ष एनडीए के मुकाबले
कितनी मजबूती से जनता के बीच उतरता है।

✍️ लेखक: Ritesh yadav


कोई टिप्पणी नहीं