प्रखंड स्तरीय परस्पर सहयोग अभियान: किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल
🌾 झारखंड में किसानों के लिए नई पहल – ‘प्रखंड स्तरीय परस्पर सहयोग अभियान’
झारखंड सरकार और विभिन्न बैंकों के संयुक्त प्रयास से 15 सितम्बर 2025 से 15 अक्टूबर 2025 तक पूरे राज्य में “प्रखंड स्तरीय परस्पर सहयोग अभियान” चलाया जा रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है — ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन, किसानों की ऋण सुलभता, बीमा जागरूकता, और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार।
राज्य के सभी 263 प्रखंडों में यह अभियान एक महीने तक चलाया जाएगा, जिसमें बैंक, कृषि विभाग, वित्तीय साक्षरता केंद्र और पंचायत प्रतिनिधि मिलकर किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचा रहे हैं।
🏛️ सगमा और धुरकी प्रखंड में आयोजित हुआ विशेष शिविर
गढ़वा जिले के सगमा और धुरकी प्रखंड सभागारों में इस अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस आयोजन में प्रखंड के किसान मित्र, प्रगतिशील किसान, बैंक प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत अग्रगति सीएफएल के प्रखंड कोऑर्डिनेटर जनार्दन प्रसाद यादव के स्वागत भाषण से हुई।
उन्होंने उपस्थित किसानों को केसीसी ऋण माफी योजना, किसान उत्पादक संगठन (FPO), छात्रों के लिए नो-फ्रिल खाता खोलने, और साइबर अपराधों से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
💰 वित्तीय साक्षरता और सरकारी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता जागरूकता केंद्र (CFL) की प्रशिक्षिका ऐसून खातून ने किसानों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं से अवगत कराया।
उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार किसान और ग्रामीण नागरिक निम्न योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं:
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प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)
– 20 वार्षिक प्रीमियम पर ₹2 लाख का आकस्मिक बीमा। -
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)
– 436 वार्षिक प्रीमियम पर ₹2 लाख का जीवन बीमा। -
अटल पेंशन योजना (APY)
– ग्रामीणों को वृद्धावस्था में निश्चित पेंशन की सुविधा।
🌱 कृषि विभाग ने दी केसीसी योजना पर जानकारी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने किसानों को बताया कि
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के अंतर्गत किसानों को अब 0% ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, यदि वे समय पर भुगतान करते हैं।
साथ ही उन्होंने किसानों को केसीसी आवेदन प्रक्रिया, स्वीकृति के मापदंड, और कर्ज संचालन के सही तरीके समझाए।
कार्यक्रम में किसानों को केसीसी के नए आवेदन फॉर्म भरने और स्वीकृति पत्र देने की प्रक्रिया भी की गई।
🧑🌾 किसानों की सक्रिय भागीदारी
शिविर में सैकड़ों किसान उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से —
हनुमंत यादव, राजेंद्र राम, रघुवर साह, उमाशंकर यादव, देवचंद यादव, चंद्रशेखर यादव, विनोद यादव, और सुनील गुप्ता शामिल थे।
इसके अलावा कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक (JRGB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, और जेएसएलपीएस (JSLPS) के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
💬 बैंक अधिकारियों की भूमिका
बैंकों के एफएलसी (Financial Literacy Counsellor) ने किसानों को डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, साइबर सुरक्षा और जनधन योजना के लाभों के बारे में बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि
“किसानों को बैंकिंग सेवाओं तक पहुंचाने और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा।”
🧩 अभियान का उद्देश्य और प्रभाव
इस अभियान का मकसद केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
झारखंड में बड़ी संख्या में किसान अभी भी बैंकिंग और बीमा योजनाओं से दूर हैं।
इस अभियान से उन्हें न सिर्फ योजनाओं की जानकारी मिलेगी, बल्कि सीधे लाभार्थी बनने का अवसर भी मिलेगा।
🏦 माननीय कृषि मंत्री की पहल
माननीय कृषि मंत्री, झारखंड सरकार ने 12 अगस्त 2025 को आयोजित 92वीं एस.एल.बी.सी. बैठक में यह सुझाव दिया था कि
हर प्रखंड स्तर पर ऐसा अभियान चलाया जाए जिससे:
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ग्रामीणों का वित्तीय समावेशन सुनिश्चित हो
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कृषि ऋण योजनाओं की जागरूकता बढ़े
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सामाजिक सुरक्षा कवरेज में विस्तार हो
इसी के तहत 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 तक “प्रखंड स्तरीय परस्पर सहयोग अभियान” का संचालन किया जा रहा है।
📈 अभियान से होने वाले लाभ
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किसानों को ब्याज-मुक्त ऋण की जानकारी और सुविधा।
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वित्तीय साक्षरता और डिजिटल बैंकिंग का विस्तार।
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ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर।
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बीमा योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ।
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साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता।
🧭 ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा
इस अभियान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई गति आई है।
किसानों को बैंकों से जोड़ने, बीमा योजनाओं से सुरक्षित करने, और ऋण सुविधा के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है।
🪔 निष्कर्ष
“प्रखंड स्तरीय परस्पर सहयोग अभियान” झारखंड सरकार का ऐसा कदम है जो न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा बल्कि ग्रामीण समाज में वित्तीय साक्षरता की नई चेतना भी जगाएगा।
यदि इस तरह के शिविर लगातार आयोजित किए जाते रहें, तो आने वाले समय में झारखंड वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में उभरेगा।
✅ संक्षेप में मुख्य बिंदु:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| अभियान का नाम | प्रखंड स्तरीय परस्पर सहयोग अभियान |
| आयोजन अवधि | 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 |
| उद्देश्य | किसानों में वित्तीय जागरूकता, ऋण सुविधा, बीमा कवरेज |
| प्रमुख योजनाएँ | केसीसी, PMJJBY, PMSBY, APY |
| प्रमुख स्थान | सगमा एवं धुरकी प्रखंड |
| आयोजनकर्ता | झारखंड सरकार,अग्रगति CFL व बैंक प्रतिनिधि |
| लाभार्थी | किसान, छात्र, ग्रामीण नागरिक |


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