G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 गढ़वा में संदिग्ध डायरिया से महिला और बच्चे की मौत, स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी - BAHORA NEWS

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गढ़वा में संदिग्ध डायरिया से महिला और बच्चे की मौत, स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी

गरवाहा में डायरिया से पीड़ित ग्रामीण"

झारखंड के गढ़वा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ धुरकी ब्लॉक के कोरवा टोला गाँव में एक महिला और चार वर्षीय बच्चा संदिग्ध डायरिया (दस्त) का शिकार हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।

मृतकों की पहचान 33 वर्षीय दंपल देवी और उनके चार वर्षीय भतीजे बदाल कुमार के रूप में हुई है। दोनों की अचानक तबीयत बिगड़ी और उन्हें लगातार उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। इलाज शुरू होने से पहले ही दोनों की मौत हो गई।

कैसे फैली बीमारी?

स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुँची और पाया कि गाँव के लोग दूषित पानी का उपयोग कर रहे थे। इस कारण बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है। जिला महामारीशास्त्री डॉ. एस.के. मिश्रा की टीम ने पानी और मल के सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए रिम्स, रांची भेजा गया है।

धुरकी ब्लॉक का स्वास्थ्य केंद्र, मरीज का इलाज"

अस्पताल में भर्ती मरीज

इस घटना के बाद एक और महिला, 35 वर्षीय प्रमिला देवी, को धुरकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया है। उन्हें भी उल्टी और ढीले मल की शिकायत है। डॉक्टर लगातार उनका इलाज कर रहे हैं।

"साफ पानी पीने की अपील करता स्वास्थ्य विभाग"

स्वास्थ्य विभाग की अपील

गढ़वा के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने बताया कि यह कोई महामारी नहीं है, बल्कि कुछ मामलों तक ही सीमित है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि:

  • केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएँ।

  • भोजन हमेशा ताजा और गर्म खाएँ।

  • खुले में शौच करने से बचें।

  • बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखें।

गाँव में जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने गाँव में जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। लोगों को बताया जा रहा है कि यदि किसी को उल्टी या दस्त की शिकायत होती है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। साथ ही, ORS घोल का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

डायरिया से बचाव के उपाय

  • पीने के पानी को हमेशा उबालकर ठंडा करके पिएँ।

  • हाथ धोने की आदत डालें, खासकर खाने से पहले और शौचालय के बाद।

  • खुले नालों और गंदगी से दूर रहें।

  • बच्चों को साफ-सुथरा खाना ही दें।

स्थिति पर नियंत्रण

डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है। गाँव में मेडिकल टीम तैनात है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

गढ़वा की यह घटना साफ पानी और स्वच्छता की कमी को उजागर करती है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की टीम त्वरित कार्रवाई कर रही है, लेकिन आम जनता की जिम्मेदारी भी है कि वह साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखे।


Writer -Ritesh yadav 



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