प्रियंका भारती: लालू यादव से प्रेरित 22 वर्षीय छात्रा, जेएनयूएसयू अध्यक्ष पद की सबसे युवा उम्मीदवार
प्रियंका भारती कौन हैं?
जेएनयूएसयू चुनाव 2025 में इस बार 22 वर्षीय प्रियंका भारती चर्चा में हैं। वह सबसे कम उम्र की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार हैं और छात्र राष्ट्रीय जनता दल (राजद की छात्र इकाई) का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
प्रियंका का कहना है कि उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा है –
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जेएनयू की दोहरी राजनीति (लेफ्ट बनाम राइट) को तोड़ना
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जातिवाद और ब्राह्मणवाद के खिलाफ आवाज़ उठाना
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छात्रों को नया विकल्प देना
बचपन और संघर्ष की कहानी
प्रियंका बिहार के एक बीपीएल बहुजन परिवार से आती हैं। उनके पिता लकवाग्रस्त हैं और माता भी बेरोजगार हैं। गरीबी की वजह से प्रियंका खुद स्कूल के बच्चों को जर्मन भाषा पढ़ाकर अपनी पढ़ाई और घर का खर्च चलाती हैं।
वह बताती हैं कि बचपन से ही उन्होंने जातिवाद का कुरूप चेहरा देखा है। मोहल्ले में लोग उनसे बात नहीं करते थे, छूना तो दूर, पानी तक साथ पीना गुनाह समझा जाता था।
लालू यादव से मिली प्रेरणा
प्रियंका कहती हैं –
"जब लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री बने, तभी हमें अपनी आवाज़ मिली। तभी हमारे परिवार ने पार्टी का समर्थन करना शुरू किया।"
राजद की विचारधारा से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अब जेएनयूएसयू अध्यक्ष पद के लिए लड़ रही हैं।
जेएनयू की राजनीति पर प्रियंका का बयान
प्रियंका का मानना है कि जेएनयू की राजनीति केवल लेफ्ट और राइट के बीच सीमित हो गई है।
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लेफ्ट पार्टियाँ केवल एबीवीपी को हराने के नाम पर वोट मांगती हैं
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राइट पार्टियाँ हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करती हैं
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लेकिन दोनों के पास कोई ठोस समाधान नहीं है
प्रियंका का लक्ष्य है छात्रों को तीसरा विकल्प देना और "द्विदलीय राजनीति" की जंजीर तोड़ना।
भविष्य की योजना
प्रियंका राजनीति के साथ-साथ बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास करना चाहती हैं। उनका सपना है बिहार की व्यवस्था को सुधारना और युवाओं को अपनी लड़ाई खुद लड़ने के लिए प्रेरित करना।


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