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ट्रंप फिर पाकिस्तान पर मेहरबान: AIM-120 मिसाइल मिलने वाली है, भारत में सुरक्षा की चिंता

 

डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान को AIM-120 मिसाइल दे रहे हैं
Image credit:-DOLAND J. TRUMP instagram handle 

ट्रंप फिर पाकिस्तान पर मेहरबान

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तहत पाकिस्तान को एक बार फिर आधुनिक हथियारों की मदद मिलने जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान को AIM-120 एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) प्राप्त होने वाली है।

यह मिसाइल विश्व की अग्रणी तकनीक वाली एयर-टू-एयर मिसाइलों में शामिल है और इसकी 150 किलोमीटर से ज्यादा की मारक क्षमता है। इसका सबसे खतरनाक पहलू यह है कि यह फायर एंड फॉरगेट तकनीक पर काम करती है, यानी इसे लॉन्च करने के बाद दुश्मन के विमान पर स्वचालित रूप से लॉक और मार किया जा सकता है।


AIM-120 AMRAAM: तकनीकी और इतिहास

AIM-120 AMRAAM को अमेरिका की Raytheon कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। इसका पहला प्रयोग 1980 के दशक में हुआ था और तब से यह कई देशों की वायु सेनाओं का अहम हिस्सा बन चुकी है।

विशेषताएँ:

  1. मध्यम-श्रेणी की हवाई लड़ाई क्षमता – लगभग 150 किलोमीटर तक लक्ष्य को निशाना बना सकती है।

  2. फायर एंड फॉरगेट तकनीक – मिसाइल को लॉन्च करने के बाद पायलट को इसे नियंत्रित करने की जरूरत नहीं होती।

  3. उन्नत रडार लॉक और ट्रैकिंग सिस्टम – यह मिसाइल तेज़ और मानेवर करने वाले विमानों को भी निशाना बना सकती है।


पाकिस्तान के हाथों में AIM-120

पाकिस्तान को यह मिसाइल मिलने के बाद उसकी वायु सेना की हवाई शक्ति और आक्रामक क्षमता काफी बढ़ जाएगी। इसके अलावा, भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव और वायु सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा।

विशेष रूप से, यह वही मिसाइल है जिसने 2019 में भारत के मिग-21 बाइसन को निशाना बनाया, जब विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने बहादुरी से मुकाबला किया। उस घटना ने पूरे भारत और दुनिया में युद्ध और सुरक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया था।


भारत पर संभावित प्रभाव

  1. सीमा सुरक्षा चुनौती – पाकिस्तान के पास AIM-120 आने के बाद भारत को अपनी वायु सेना की तत्परता बढ़ानी होगी।

  2. रणनीतिक संतुलन – यह मिसाइल दोनों देशों के बीच हवाई मुकाबलों में रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।

  3. सुरक्षा उपाय – भारत को राडार, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और वायु तत्परता पर और ध्यान देना होगा।


अमेरिकी विदेश नीति और ट्रंप का असर

डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति हमेशा विवादित रही है। उनके शासनकाल में पाकिस्तान को कई सैन्य और आर्थिक सहायता मिली।

  • अमेरिकी पॉलिसी विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम पाकिस्तान को अमेरिका के रणनीतिक सहयोगी के रूप में बनाए रखने का हिस्सा है।

  • इस सौदे से यह भी जाहिर होता है कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान के साथ सुरक्षा संबंधों में आगे बढ़ने को प्राथमिकता दे रहा था।


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने कई बार पाकिस्तान को हथियार सौदे और आतंकवाद संबंधी मदद के लिए चेतावनी दी है।

  • रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि AIM-120 पाकिस्तान को अधिक आत्मविश्वास और हवाई श्रेष्ठता प्रदान करेगा।

  • अमेरिका के इस कदम पर भारत की प्रतिक्रिया में सख्त सतर्कता दिखाई जा रही है।


निष्कर्ष

ट्रंप के तहत पाकिस्तान को AIM-120 जैसी मिसाइल मिलने से क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ेगा।

  • यह मिसाइल पाकिस्तान की हवाई शक्ति को बढ़ाएगी।

  • भारत को अपनी हवाई सुरक्षा और सीमा सतर्कता बढ़ानी होगी।

  • यह कदम भारत-पाकिस्तान और अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में रणनीतिक चुनौती पैदा कर सकता है।

इस मुद्दे पर विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा और कूटनीति दोनों स्तरों पर तैयारियां जरूरी हैं, ताकि क्षेत्र में तनाव कम किया जा सके।


Writer -Ritesh yadav 

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