G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 बिहार मतदाता सूची शुद्धिकरण 2025: CEC ने हटाए मृतक, विदेशी और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता - BAHORA NEWS

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बिहार मतदाता सूची शुद्धिकरण 2025: CEC ने हटाए मृतक, विदेशी और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता


Bihar Electoral Rolls 2025 शुद्धिकरण और CEC Gyanesh Kumar प्रेस कॉन्फ्रेंस
Image credit:-E C OF INDIA TWITTER HANDLE 

बिहार चुनाव से पहले मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग (CEC) ने Special Intensive Revision (SIR) का आयोजन किया। यह प्रक्रिया चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है। इस दौरान मृतक, विदेशी और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता सूची से हटाए गए।

CEC ज्ञानेश कुमार ने रविवार को बताया कि इस शुद्धिकरण के बाद बिहार की मतदाता सूची अब पूरी तरह शुद्ध और अपडेटेड है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का व्यापक शुद्धिकरण 22 साल में पहली बार हुआ है।


 हटाए गए मतदाताओं का विवरण

SIR के दौरान सूची से हटाए गए मतदाताओं में शामिल हैं:

  1. मृतक मतदाता – जिनकी मृत्यु हो चुकी थी।

  2. स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता – जो अपने मूल निर्वाचन क्षेत्र से बाहर जाकर स्थायी रूप से रह रहे हैं।

  3. विदेशी मतदाता – जिनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है।

CEC ने कहा कि कुल कितने विदेशी मतदाता सूची से हटाए गए, इसकी संख्या स्पष्ट नहीं की गई। हालांकि, सभी विवरण राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों के साथ साझा किए गए हैं।


 SIR का महत्व और प्रक्रिया

SIR यानी Special Intensive Revision एक विशेष मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया है, जिसे चुनाव से पहले किया जाता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूर्ण रूप से अपडेट और शुद्ध करना है।

  • यह प्रक्रिया बिहार में चुनाव से पहले की गई।

  • SIR के दौरान मतदाता अपने नामांकन और पहचान दस्तावेज़ जमा करते हैं।

  • मतदाता सूची में कोई भी व्यक्ति यदि शामिल नहीं है या कोई आपत्ति है तो नॉमिनेशन दाखिल होने की तारीख से 10 दिन पहले तक आपत्ति दर्ज कर सकता है।

CEC ने कहा:

“सफल SIR के बाद बिहार की मतदाता सूची शुद्ध कर दी गई है। यह अभ्यास अब पूरे देश में किया जाएगा।”


 आधार और अन्य पहचान दस्तावेज़

बिहार SIR में आधार कार्ड को पहचान के 12वें दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार किया गया।

  • आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है।

  • SIR में आधार के अलावा एक और दस्तावेज़ आवश्यक होगा, ताकि मतदाता की पात्रता (eligibility) सुनिश्चित हो सके।

  • यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप है।

CEC ने कहा:

“आधार केवल पहचान का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं। इसके आधार पर हम मतदाता की पात्रता तय करेंगे।”


  नई पहल और सुधार

बिहार में SIR के दौरान चुनाव आयोग ने कई सुधार और नई पहल लागू की:

  1. Booth Level Officers (BLOs) का सम्मान और प्रशिक्षण।

  2. प्रत्येक मतदान बूथ पर वेबकास्टिंग की सुविधा – इससे पारदर्शिता बढ़ती है।

  3. मतदान बूथ में 1,200 मतदाता की सीमा तय।

  4. पोस्टल बैलट्स को चुनाव के अंतिम चरण से पहले गिना जाएगा।

  5. आगामी चुनावों में मतदाता मोबाइल फोन बूथ के पास बाहर रख सकते हैं।

  6. Booth Level Agents (BLAs) केवल 100 यार्ड दूर तैनात होंगे।


  महिला मतदाताओं और आपत्तियां

  • CEC ने कहा कि यदि किसी महिला मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो वह अभी भी आवेदन कर सकती हैं।

  • यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए है।

  • BLOs ने पूरे बिहार में जाकर मतदाताओं की जांच और सत्यापन किया।


 अपराधियों और उम्मीदवारों की निगरानी

  • चुनाव आयोग अब राजस्व सेवा के अधिकारियों को उम्मीदवारों के खर्च की निगरानी के लिए तैनात करेगा।

  • इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।

CEC ने कहा:

“हम संविधान और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार कार्य करते हैं। अपराधी प्रवृत्ति वाले उम्मीदवारों की निगरानी अब और सख्ती से होगी।”


  चुनाव तिथियां और चरणबद्ध मतदान

  • चुनाव तिथियों की घोषणा अभी नहीं हुई है।

  • राजनीतिक दलों ने प्रस्ताव रखा है कि चुनाव छठ पूजा के बाद, एक से तीन चरणों में आयोजित हों।

  • SIR और नई पहल के बाद अब मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होगी।


 CEC का भाषण और जनता के संदेश

  • CEC ज्ञानेश कुमार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत भोजपुरी और मैथिली में की और फिर हिंदी में जारी रखी।

  • उन्होंने कहा कि बिहार SIR एक मार्गदर्शक मॉडल है, जिसे अब पूरे देश में अपनाया जाएगा।

  • अंतिम मतदाता सूची में 7.42 करोड़ मतदाता शामिल हैं।


  मुख्य बातें

  1. बिहार में मतदाता सूची का शुद्धिकरण पहली बार 22 वर्षों में।

  2. मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित और विदेशी मतदाता सूची से हटाए गए।

  3. आधार कार्ड को पहचान के 12वें दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

  4. नई पहल: वेबकास्टिंग, मतदान बूथ में 1,200 मतदाता सीमा, पोस्टल बैलट्स की गिनती, मोबाइल फोन अनुमति।

  5. BLOs और BLAs की सक्रिय निगरानी।

  6. महिला मतदाताओं की सुरक्षा और भागीदारी सुनिश्चित।

  7. चुनाव तिथियां छठ पूजा के बाद प्रस्तावित।


Writer -Ritesh yadav 

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