उत्तराखंड में बेरोज़गार युवाओं का आंदोलन: भाजपा सरकार पर सवाल और पुलिसिया दमन
उत्तराखंड में बेरोज़गार युवाओं का आंदोलन अब एक गंभीर मोड़ पर पहुँच चुका है। UKSSSC की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद युवाओं ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से युवाओं में निराशा और गुस्सा बढ़ रहा है।
आंदोलन की शुरुआत:
UKSSSC की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद बेरोज़गार संघ ने भूख हड़ताल और प्रदर्शन शुरू किया। युवाओं ने सीबीआई जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
पुलिसिया दमन:
सरकार की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने से पुलिस ने आंदोलनकारियों पर सख़्ती शुरू कर दी है। कई युवाओं पर फ़र्ज़ी मुक़दमे लगाए गए हैं और उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इस पुलिसिया दमन ने आंदोलन को और तेज़ कर दिया है।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया:
विपक्षी दलों ने सरकार की नीतियों की आलोचना की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया है और सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि भाजपा का दूसरा नाम पेपर चोर है
उत्तराखंड में बेरोज़गार युवाओं का आंदोलन सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। सरकार को चाहिए कि वह युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।
Writer -Ritesh yadav ka


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