G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 मेराल थाना प्रभारी ने नूरी मस्जिद में नमाज़ के बाद दिया साईबर अपराध से बचाव का संदेश, हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी साझा की - BAHORA NEWS

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मेराल थाना प्रभारी ने नूरी मस्जिद में नमाज़ के बाद दिया साईबर अपराध से बचाव का संदेश, हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी साझा की



नूरी मस्जिद में लोगों को साईबर अपराध रोकथाम की जानकारी देते मेराल थाना प्रभारी

📍 घटना का विवरण

गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र अंतर्गत नूरी मस्जिद में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज़ के बाद एक विशेष साईबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अगुवाई थाना प्रभारी, मेराल ने की, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।

🚨 साईबर अपराध के बढ़ते मामले

थाना प्रभारी ने कहा कि आज के समय में साईबर अपराधी अत्यधिक सक्रिय हैं और वे अलग-अलग पैतरे अपनाकर आम लोगों को ठग रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी लोन का झांसा देकर तो कभी सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्तिगत जानकारी हासिल करके वे लोगों को निशाना बना रहे हैं।

☎️ हेल्पलाइन नंबर 1930 का महत्व

इस दौरान थाना प्रभारी ने विशेष रूप से राष्ट्रीय साईबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 के महत्व पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि –

  • यदि कोई व्यक्ति साईबर स्कैम का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए

  • शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी, धोखाधड़ी की गई राशि को फ्रीज करने की संभावना उतनी अधिक होगी।

  • इस त्वरित कार्रवाई की अवधि को ही "Golden Hour" कहा जाता है, जो रिकवरी के लिए बेहद जरूरी है।

👮‍♂️ थाना प्रभारी का संदेश

थाना प्रभारी ने उपस्थित लोगों से कहा –

  • किसी भी अज्ञात नंबर से कॉल आने पर बैंक खाता, OTP, या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

  • सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

  • मोबाइल में अनजान ऐप इंस्टॉल न करें, क्योंकि इससे फोन का डेटा और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है।

  • ऑनलाइन खरीदारी करते समय केवल सुरक्षित और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।

🕌 धार्मिक स्थलों से जनजागरूकता की पहल

नूरी मस्जिद में आयोजित इस कार्यक्रम की खासियत यह रही कि धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, जिससे संदेश अधिक लोगों तक पहुँचा। थाना प्रभारी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी गांवों, पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में चलाए जाएंगे, ताकि हर नागरिक साईबर अपराध से सुरक्षित रह सके।

🌐 डिजिटल युग में बढ़ती चुनौतियाँ

आज का युग डिजिटल इंडिया का है, जहां ऑनलाइन लेन-देन, मोबाइल बैंकिंग और UPI पेमेंट्स ने जीवन आसान कर दिया है। लेकिन इसके साथ ही साईबर क्राइम भी तेजी से बढ़ रहा है।

  • 2024-25 के आँकड़ों के अनुसार, भारत में हर महीने हजारों लोग साईबर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं।

  • खासकर ग्रामीण और छोटे कस्बों में रहने वाले लोग जागरूकता की कमी के कारण अधिक नुकसान झेलते हैं।

✅ बचाव के उपाय

थाना प्रभारी ने लोगों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बताईं –

  1. किसी भी अज्ञात कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।

  2. बैंक या सरकारी विभाग कभी भी फोन पर पासवर्ड या OTP नहीं मांगते।

  3. मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और समय-समय पर बदलते रहें।

  4. सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें।

  5. बच्चों और बुजुर्गों को भी साईबर अपराध के बारे में जानकारी दें।

🔎 Golden Hour की भूमिका

उन्होंने यह भी बताया कि Golden Hour यानी धोखाधड़ी के तुरंत बाद की पहली 1-2 घंटे की अवधि, पीड़ित के लिए सबसे अहम होती है।
अगर इस समय पर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा दी जाती है, तो स्कैमर के खाते में पहुँचे पैसे को तुरंत फ्रीज करने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है।

📢 लोगों की प्रतिक्रियाएँ

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने थाना प्रभारी की पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह की जानकारी आम जनता के लिए बहुत जरूरी है। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा,
"हम अक्सर खबरों में साईबर अपराध की बातें सुनते हैं, लेकिन आज हमें सीधे थाना प्रभारी से सही मार्गदर्शन मिला। अब हम दूसरों को भी इसके बारे में बताएंगे।

मेराल थाना प्रभारी द्वारा नूरी मस्जिद में दिया गया यह संदेश स्थानीय लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। इससे यह साफ है कि धार्मिक और सामाजिक मंचों से जागरूकता फैलाना सबसे प्रभावी तरीका है।
सरकार और प्रशासन के प्रयास तभी सफल होंगे जब नागरिक भी सतर्क रहेंगे और 1930 हेल्पलाइन नंबर का सही उपयोग करेंगे।


Writer -Ritesh yadav 

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