G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 Jagdeep Dhankhar Moves to Chautala’s Farmhouse While Waiting for Government Bungalow - BAHORA NEWS

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Jagdeep Dhankhar Moves to Chautala’s Farmhouse While Waiting for Government Bungalow

 

Jagdeep Dhankhar moves to farmhouse while waiting for official bungalow

जगदीप धनखड़, जिन्होंने जुलाई 2025 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अचानक उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफ़ा दे दिया, अब अपने आधिकारिक आवास (Vice-President’s Enclave) छोड़कर एक निजी फार्महाउस में रह रहे हैं। यह कदम छह सप्ताह के अंतर्गत उठाया गया, जब दिल्ली में उनकी दृश्यता लगभग न के बराबर थी ।

अस्थायी ठिकाने की ज़रूरत

उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफे के बाद विरासत में मिली Type-VIII ऑफ़िसियल बंगला (APJ Abdul Kalam Road) के लिए केंद्रीय सार्वजनिक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा नवीनीकरण की प्रक्रिया अभी जारी है। इसे तैयार होने में लगभग तीन महीने का समय लगेगा । इस बीच वह दिल्ली के चहतरपुर क्षेत्र में INLD नेता अभय चौटाला के فارم-हाउस में ठहरे हैं — एक ऐसा इंतज़ाम जो राजनीति से ज़्यादा व्यक्तिगत रिश्तों पर आधारित है।

व्यक्तिगत और राजनीतिक रिश्तों का असर

धनखड़ और चौटाला परिवार का रिश्ता चालीस वर्षों से चला आ रहा है। उनका संबंध विशेषकर पूर्व उप-प्रधानमंत्री देवी लाल से शुरू होता है, जिन्होंने धनखड़ की राजनीतिक पहचान को आकार दिया। अभय चौटाला ने खुद बताया कि फार्म-हाउस "आपका अपना घर" है, इसका मतलब है कि यह निवास व्यवस्था पारिवारिक समझ से ही बनी है।

सुरक्षा और औपचारिकताएँ

धनखड़ को Z-Plus सुरक्षा कवर प्राप्त है, जो एक पूर्व उपराष्ट्रपति को मिलना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने स्थानीय बीट स्टाफ के साथ सुरक्षा सुनिश्चित की है।

सार्वजनिक रहस्य और राजनीतिक ज़रूरतें

उनकी अचानक विदाई और सार्वजनिक दृश्यता में कमी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य कारण तो माना गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर भी जारी है। विपक्ष ने उनके "अदृश्य" होने पर सवाल उठाए — क्या यह एक जबरन अवकाश था, या एक स्वाभाविक निजी चुनाव?

अब आगे क्या?

सुरक्षा के लिहाज़ से और राजनीतिक प्रक्रियाओं के चलते, फिलहाल उनका अस्थायी निवास फार्म-हाउस ही बना रहेगा। Type-VIII बंगले की मरम्मत के बाद ही वह वहाँ शिफ़्ट होंगे। इस बीच, 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियाँ पूरी हो रही हैं, जिसमें CP Radhakrishnan (NDA) और B Sudershan Reddy (INDIA ब्लॉक) के बीच मुकाबला तय है 


निष्कर्ष

यह कदम सिर्फ स्थानांतरण का मामला नहीं है — यह राजनीतिक रिश्तों, संवैधानिक विशेषाधिकारों, और निजी निर्णयों का संयोजन है। धनखड़ का चुपचाप रखना, उनके मालिकाना फार्म-हाउस में रहना और सवालों से बचते हुए Type-VIII बंगले की प्रतीक्षा, सब मिलकर एक बड़ी तस्वीर बनाते हैं। यह राजनीति में "परिवर्तन" और "रहस्य" का एक प्रमाण है — जहां अकेला कदम ही नई दिशा तय कर देता है।


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