असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि हाल ही में सामने आई जांच रिपोर्ट (Probe Report) ने राज्य में सक्रिय एक कार्टेल (Cartel) का खुलासा किया है, जिसके संबंध कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े हुए हैं।
शर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में लंबे समय से एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जो राजनीतिक और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करता रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कांग्रेस की शह रही है।
🔹 हिमंत शर्मा का बयान
शर्मा ने कहा –
“जांच रिपोर्ट अपने आप सब कुछ बता रही है। इसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि एक बड़ा कार्टेल काम कर रहा था, जिसके तार कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से जुड़े हुए हैं। जनता को यह जानना जरूरी है कि किस तरह राज्य के विकास के रास्ते में अवरोध पैदा किया गया।”
🔹 गौरव गोगोई पर सीधे आरोप
गौरव गोगोई, जो कि कांग्रेस सांसद और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे हैं, पर इस रिपोर्ट में अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठे हैं। हालांकि, कांग्रेस पार्टी और गोगोई ने इन आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।
गोगोई का कहना है कि भाजपा सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है।
🔹 राजनीतिक हलचल तेज
इस बयान के बाद असम की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ सच्चाई की जीत” बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” करार दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले चुनावों पर गहरा असर डाल सकता है। भाजपा इस मुद्दे को जनता तक ले जाएगी, जबकि कांग्रेस अपने बचाव में इसे “फर्जी नैरेटिव” बताकर जवाब देगी।
🔹 आगे क्या?
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस रिपोर्ट के आधार पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी या फिर यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा बनकर रह जाएगा।
असम की राजनीति में यह मुद्दा फिलहाल सबसे गर्म है। एक ओर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा जांच रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर निशाना साध रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे चुनावी चाल बता रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और भी गहराने की संभावना है।


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