G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 गढ़वा जिला: इतिहास, प्रशासनिक विकास, प्राकृतिक संरचना और जनसांख्यिकीय प्रोफाइल की पूरी जानकारी - BAHORA NEWS

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गढ़वा जिला: इतिहास, प्रशासनिक विकास, प्राकृतिक संरचना और जनसांख्यिकीय प्रोफाइल की पूरी जानकारी

गढ़वा जिले का मानचित्र जिसमें सभी 20 ब्लॉक और मुख्य गांव दिखाए गए हैं"

गढ़वा जिला: परिचय

झारखंड राज्य का गढ़वा जिला अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक विशेषताओं के लिए जाना जाता है। यह जिला न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि भौगोलिक, कृषि और जनसांख्यिकीय रूप से भी खास पहचान रखता है।


प्रशासनिक विकास और ब्लॉक का गठन

गढ़वा जिले के निर्माण के समय यहाँ 8 पुराने ब्लॉक मौजूद थे –
गढ़वा, मेराल, रंका, भंडरिया, मझिआंव, नगर-उंटारी, भवनाथपुर और धुरकी।

बाद में प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए यहाँ नए ब्लॉक बनाए गए।

  • पहले चरण में 6 नए ब्लॉक बने – डण्डइ, चिनीया, खरौन्धी, रमना, रमकंडा और कांडी।

  • दूसरे चरण में 5 और ब्लॉक बनाए गए – डण्डा, केतार, बिशुनपुरा, बरडीहा और सागमा।

  • तीसरे चरण में भंडरिया से विभाजित होकर बरगड़ ब्लॉक बना।

👉 आज गढ़वा जिले में कुल 20 ब्लॉक और 196 ग्राम पंचायतें हैं। यहाँ 916 बसे हुए गाँव और 62 अनबॉडीड (बेचिरागी) गाँव शामिल हैं।


गढ़वा नगर पालिका का इतिहास

गढ़वा का शहरी प्रशासन भी बेहद खास है।

  • 6 मई 1924 को गढ़वा संघ बोर्ड की स्थापना की गई थी।

  • 1957 में इसे नोटिफाइड एरिया कमिटी (NAC) का दर्जा दिया गया।

  • 15 अगस्त 1972 को इसे नगर पालिका बना दिया गया।

आज गढ़वा जिला मुख्यालय का एकमात्र नगरपालिका शहर है।


प्राकृतिक संरचना और भूगोल

गढ़वा की औसत ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 1200 फुट है। यहाँ की सबसे ऊँची पहाड़ी गुलगुलपथ (3819 फीट) है, जो भंडरिया ब्लॉक में स्थित है।

  • यहाँ की भूमि कृषि के लिए उपयुक्त है।

  • कोरवा जनजाति की बसावट यहाँ की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है।


नदियाँ और जल संसाधन

गढ़वा जिले में कई नदियाँ बहती हैं जो इसे जल संसाधनों से समृद्ध बनाती हैं।

  • कोयल नदी पूर्वी सीमा और

  • सोन नदी उत्तरी सीमा बनाती है।

अन्य महत्वपूर्ण नदियाँ हैं – दानरो, सस्वती, तहले, अन्नराज, यूरेया, बेलैती, पांडो, बीरहा और सपही।
इसके अलावा कनहर नदी लगभग 80 किमी तक जिले की दक्षिण-पूर्वी सीमा बनाती है।


जलवायु

गढ़वा की जलवायु शुष्क और ताकतवर है।

  • सर्दी: नवंबर से मार्च

  • गर्मी: मार्च से मई (तापमान 47°C तक पहुंच जाता है)

  • मानसून: जून से सितंबर

  • औसत वार्षिक वर्षा: 1335 मिमी


कृषि और भूमि उपयोग

गढ़वा जिला आंशिक रूप से वर्षा छाया क्षेत्र में आता है, जिस कारण अक्सर सूखा प्रभावित रहता है।

  • मुख्य फसल: धान (चावल)

  • अन्य फसलें: मक्का, गेहूं, गन्ना, तिलहन, दलहन और सब्जियाँ

  • वन उपज: बीज, महुआ, केंडू पत्ते और सेमील

सरकारी सिंचाई योजनाओं ने हाल के वर्षों में कृषि उत्पादन को बढ़ावा दिया है।


जनसांख्यिकी

  • 1991 जनगणना: 8,01,239 जनसंख्या

  • 2001 जनगणना: 10,34,151 जनसंख्या

  • ग्रामीण आबादी: 9,91,492

  • शहरी आबादी: 42,659 (गढ़वा और भवनाथपुर)

📊 सामाजिक संरचना:

  • अनुसूचित जाति – 26.32%

  • अनुसूचित जनजाति – 19.91%

  • लिंगानुपात – 935 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष

गढ़वा जिला झारखंड का एक ऐसा इलाका है जहाँ इतिहास, प्रशासनिक विकास, प्राकृतिक सुंदरता और विविध जनजीवन देखने को मिलता है। कृषि और प्राकृतिक संसाधन इसकी रीढ़ हैं जबकि जनजातीय संस्कृति इसकी विशेष पहचान है।


Writer -Ritesh yadav 

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