DUSU चुनाव 2025: मतदान पूरा, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला और अब नतीजों पर सबकी निगाहें
🗳️ DUSU चुनाव 2025: लोकतंत्र का छात्र पर्व
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रसंघ चुनाव, जिन्हें DUSU चुनाव 2025 कहा जा रहा है, पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। 18 सितंबर 2025 को राजधानी दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों में वोटिंग संपन्न हुई। अब सबकी निगाहें 19 सितंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
छात्रसंघ चुनावों को विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक त्योहार कहा जाता है। इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक है—चाहे वह हाई कोर्ट का अहम फैसला हो, महिला उम्मीदवारों की रिकॉर्ड भागीदारी हो या फिर सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम।
⚖️ हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: 75% उपस्थिति ज़रूरी
चुनाव से ठीक पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कर दिया कि जिन छात्रों की 75% उपस्थिति पूरी नहीं है, वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
यह नियम लंबे समय से चर्चा में था और अब अदालत ने इसे लागू कर दिया है। इसका असर यह हुआ कि कई दावेदार मैदान से बाहर हो गए।
यह कदम DU की राजनीति को अनुशासन और शिक्षा से जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
👩 महिला उम्मीदवारों की रिकॉर्ड मौजूदगी
इस बार का चुनाव महिला उम्मीदवारों की भागीदारी के लिए भी ऐतिहासिक रहा।
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बौद्ध अध्ययन विभाग से तीन महिला प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए उतरीं।
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सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर भी महिला चेहरों ने दावेदारी पेश की।
यह बदलाव छात्र राजनीति में जेंडर बैलेंस को मजबूत करता है।
👩🎓 प्रमुख उम्मीदवार और उनके वादे
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आर्यन मान (ABVP): मेट्रो पास में छूट, फ्री वाई-फाई और खेल सुविधाओं में सुधार का वादा।
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जॉस्लिन नंदिता चौधरी (NSUI): महिला सुरक्षा, पीरियड लीव और हॉस्टल की बेहतर सुविधाएँ।
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अंजली (SFI–AISA गठबंधन): फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन और जेंडर सेंसिटाइजेशन पर जोर।
ये मुद्दे सीधे छात्रों की ज़िंदगी से जुड़े हैं और इन्हीं पर चुनावी माहौल गरमाया रहा।
👮 सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
दिल्ली पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए सख्त कदम उठाए।
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160 पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे दिए गए।
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कैंपस में अतिरिक्त CCTV और ड्रोन से निगरानी।
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संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की विशेष तैनाती।
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संदिग्ध वाहनों पर रोक और पार्किंग पर नियंत्रण।
इन इंतज़ामों की वजह से चुनावी प्रक्रिया शांति से पूरी हुई।
🔑 मुख्य मुद्दे जो छाए रहे
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हॉस्टल की कमी और बढ़ती फीस
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महिलाओं की सुरक्षा
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का असर
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कैंपस की डिजिटल और खेल सुविधाएँ
ये वही मुद्दे हैं जिनसे सीधे छात्रों की पढ़ाई, सुरक्षा और भविष्य जुड़ा है।
📊 अब नतीजों का इंतज़ार
अब सबकी निगाहें 19 सितंबर 2025 पर टिकी हैं, जब चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी यह तय करेगा कि छात्र राजनीति में किसकी पकड़ मजबूत है – ABVP, NSUI या वामपंथी गठबंधन।
DUSU चुनाव 2025 सिर्फ़ कॉलेज की राजनीति नहीं, बल्कि भारत की युवा राजनीति का आईना है। महिला उम्मीदवारों की रिकॉर्ड भागीदारी, हाई कोर्ट का सख्त आदेश और छात्रों की भारी भागीदारी इसे एक ऐतिहासिक चुनाव बनाते हैं।
Writer -Ritesh yadav
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Alt Text: DUSU चुनाव 2025 में छात्र वोट डालते हुए
Alt Title: DUSU Elections 2025 Voting Day


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