G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 Odisha: भारत का नया ‘गोल्ड हब’? GSI ने 10–20 मेट्रिक टन सोने का भंडार किया खुलासा - BAHORA NEWS

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Odisha: भारत का नया ‘गोल्ड हब’? GSI ने 10–20 मेट्रिक टन सोने का भंडार किया खुलासा



Odisha: भारत का नया ‘गोल्ड हब’? GSI ने 10–20 मेट्रिक टन सोने का भंडार किया खुलासा

भुवनेश्वर, 19 अगस्त 2025:
ओडिशा अब भारत का नया सोने का हब बन सकता है, ऐसा संकेत इधर की हालिया खोजें दे रही हैं। Geological Survey of India (GSI) ने अपने नवीनतम सर्वे में राज्य के कई जिलों में सोने के संभावित भंडार की पुष्टि की है। यह जानकारी खनन मंत्री विभूति भूषण जेना ने मार्च 2025 में विधानसभा में साझा की थी। 


प्रमुख जिलों में सोने की संभावित भंडारें:

  • पुष्टि प्राप्त जिले: डीओगढ़ (अदासा-रामपल्ली), सुंदरगढ़, नबरंगपुर, केन्द्रीय (केओंज्हर), अंगुल, कोरापुट 

  • खोज जारी: मयूरभंज, मलकानगिरी, संबलपुर, बौध


भंडार का अनुमान और महत्व:

  • कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों ने अनुमानित किया है कि यह 10–20 मेट्रिक टन तक हो सकता है 

  • यह मात्रा, भारत के वार्षिक सोने के आयात (~700–800 टन) से काफी कम है, लेकिन घरेलू उत्पादन (2020 तक केवल 1.6 टन प्रति वर्ष) को ध्यान में रखें, तो यह खोजं बेहद महत्वपूर्ण है 


आर्थिक और विकासात्मक संभावनाएँ:

  • अगर ये सोना वाणिज्यिक रूप से उपयोगी हो, तो यह रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर, और आर्थिक विविधता को बढ़ावा दे सकता है 

  • ओडिशा पहले से ही क्रोमाइट, बॉक्साइट, और लौह अयस्क में देश का बड़ा हिस्सा संभालता है; सोना इसके खनिज पोर्टफोलियो को और मजबूत कर सकता है 


आगे का रोडमैप:

  • एडासा-रामपल्ली और गोपुर-गजिपुर जैसे क्षेत्रों में G3 स्तर से G2 स्तर की जांच की गई—अर्थात, अब advanced sampling और drilling चल रही है 

  • ओडिशा माइनिंग कॉर्पोरेशन (OMC) और राज्य सरकार मिलकर डीओगढ़ ब्लॉक की नीलामी (auction) की तैयारी कर रहे हैं 

  • आगे की प्रक्रिया में शामिल हैं:

    • लैब विश्लेषण (ore grade और recovery rate जानने के लिए)

    • पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव अध्ययन

    • पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया

    • क्षेत्रीय आधारभूत संरचना (सड़क, बिजली, जल) का निर्माण 


सारांश तालिका: Odisha का सोना – स्थितियाँ और संभावनाएँ

पहलू जानकारी
खोज की पुष्टि GSI ने कई जिलों में सोने के भंडारों की पुष्टि की है
अनुमानित मात्रा 10–20 मेट्रिक टन
संभावित जिलों डीओगढ़, सुंदरगढ़, नबरंगपुर, केओंज्हर, अंगुल, कोरापुट
आगे की प्रक्रिया G2 स्तर की जांच, नीलामी की तैयारी, पर्यावरण और सोशियल स्टडीज
महत्व रोजगार, इन्फ्रा, खनिज विविधीकरण, घरेलू सोने का उत्पादन बढ़ाना

निष्कर्ष:
यह खोज, चाहे प्रारंभिक ही क्यों न हो, ओडिशा के खनिज इतिहास में एक बड़ा कदम है। अगर सही तरीके से संभाला जाए, तो यह न सिर्फ राज्य, बल्कि पूरे देश की खनिज आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।


Writer:-RITES YADAV 

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