G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 चुनावी विवाद की आग: अखिलेश यादव ने बिहार में SIR को लेकर EC को किया घेराबंदी! - BAHORA NEWS

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चुनावी विवाद की आग: अखिलेश यादव ने बिहार में SIR को लेकर EC को किया घेराबंदी!



चुनावी विवाद की आग: अखिलेश यादव ने बिहार में SIR को लेकर EC को किया घेराबंदी!

परिचय

रांची में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनावी समय पर बिहार में लागू Special Intensive Revision (SIR)—मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन—पर चुनाव आयोग (EC) को तीखा कटाक्ष करते हुए “राजनीतिक उद्देश्यपूर्ण” कदम बताया।


1. **"सिर्फ़ वोट चोरी की साजिश"—Akhilesh का एसीटी

रांची एयरपोर्ट पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर वास्तविक रूप से SIR की ज़रूरत होती, तो इसे "एक साल पहले" कराया जा सकता था। लेकिन चुनाव से ठीक पहले इसे बुलाकर "लाखों लोगोंने वोट देने का अधिकार छीनने की साजिश" रची जा रही है।

2. ‘वोट कट रहे हैं, नए मतदाता नहीं जुड़ रहे’—SIR पर सवाल

उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि EC का काम नए मतदाताओं को जोड़ना होना चाहिए था, लेकिन बिहार में जो कुछ हो रहा है वह उसके बिल्कुल विपरीत है—मतदाता सूची से नाम काटे जा रहे हैं, जोड़ने का काम नहीं हो रहा! 

3. “BJP की योजनाबद्ध रणनीति”—मताधिकार पर षड्यंत्र

अखिलेश ने सीधे तौर पर भाजपा पर आरोप लगाया कि वह SIR के माध्यम से वोटों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की साजिश रच रही है—जब उन्हें अंदाजा हो गया कि बिहार की जनता उनके खिलाफ है। 

4. INDIA ब्लॉक का तीखा प्रदर्शन—EC तक मार्च

11 अगस्त को संसद से EC कार्यालय तक 300 से ज़्यादा INDIA ब्लॉक सांसदों ने मार्च निकाला। दिल्ली पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन अखिलेश यादव ने बैरियर पार कर विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। 

5. राहुल द्वारा "मृत मतदाताओं" वाली टिप्पणी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने “SIR” विवाद को कम नहीं होने दिया—उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि उन्होंने “कुछ मृत मतदाताओं” के साथ चाय की, जिससे स्पष्ट होता है कि सूची कितनी ही त्रुटियों से भरी है। 


निष्कर्ष

अखिलेश यादव की आलोचना स्पष्ट और सीधी है: SIR को समयवादिता के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह केवल चुनाव आयोग की कार्यवाही पर आपत्ति नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मौलिक प्रक्रिया—मताधिकार—पर चोट जैसा मामला है।


और जानिए:

  • EC अधिकारियों ने SIR को चुनावी साजिश नहीं, संशोधन की प्रक्रिया बताया 

  • राहुल गांधी का आरोप—EC "BJP की ‘चोरी ब्रांच’" बन गई है

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