G-Z76GJ3VQ65 google-site-verification=W_bCfRqm-7eEfZBB6vSer72kEdpHDdfo3Yo0LPoPog0 अमित शाह का असम दौरे पर बड़ा ऐलान: अवैध प्रवासियों को भारत से हटाने का संकल्प | Amit Shah Assam Visit 2025 - BAHORA NEWS

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अमित शाह का असम दौरे पर बड़ा ऐलान: अवैध प्रवासियों को भारत से हटाने का संकल्प | Amit Shah Assam Visit 2025

🌟 परिचय

असम की धरती से गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत को अवैध प्रवासियों से मुक्त करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। शाह का यह बयान न सिर्फ असम बल्कि पूरे देश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।


🗣️ अमित शाह का बयान

असम के दौरे पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा:

“देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को पहचानकर बाहर निकाला जाएगा। भारत की सुरक्षा और अस्मिता से कोई समझौता नहीं होगा।”

उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि असम और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए यह कदम जरूरी है।


🏞️ असम में अवैध प्रवास का मुद्दा

असम लंबे समय से बांग्लादेश से घुसपैठ के सवाल से जूझ रहा है।

  • 1971 के बाद से लाखों की संख्या में शरणार्थियों और प्रवासियों के आने की रिपोर्ट्स हैं।

  • इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति दशकों से गर्म रही है।

  • NRC (National Register of Citizens) भी इसी पृष्ठभूमि में लागू किया गया था।


🔐 सुरक्षा और पहचान का सवाल

अमित शाह ने कहा कि अवैध प्रवास न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है बल्कि स्थानीय लोगों की सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों के लिए भी खतरा है।

  • नौकरियों पर असर

  • जमीन और संसाधनों पर दबाव

  • जनसांख्यिकी (demography) में बदलाव


⚖️ राजनीतिक प्रतिक्रिया

शाह के इस बयान पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।

  • BJP नेताओं ने इसे देशहित में जरूरी कदम बताया।

  • कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सवाल उठाए कि सरकार को मानवीय दृष्टिकोण भी ध्यान में रखना चाहिए।

  • असम की स्थानीय पार्टियाँ इसे जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग मान रही हैं।


🌐 सोशल मीडिया और जनता की राय

शाह के बयान के बाद ट्विटर और फेसबुक पर #IllegalImmigrants और #AmitShahAssam जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

  • समर्थकों का कहना है कि यह देश की सुरक्षा के लिए सख्त कदम है।

  • कुछ लोग इसे राजनीतिक स्टंट भी मान रहे हैं।


📊 संभावित असर

  1. असम और पूर्वोत्तर की राजनीति में BJP की पकड़ और मज़बूत हो सकती है।

  2. NRC और CAA पर फिर से बहस तेज हो सकती है।

  3. केंद्र सरकार पर प्रवासी समस्या से निपटने का दबाव बढ़ेगा।


📝 निष्कर्ष

अमित शाह का असम में दिया गया बयान केवल एक राजनीतिक घोषणा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा अहम मुद्दा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस दिशा में किस तरह के ठोस कदम उठाती है और अवैध प्रवासियों के खिलाफ क्या कार्ययोजना लागू करती है।


 Writer -Ritesh yadav 

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